विधवा भाभी को रखेल बनाया

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प्रेषक : कृष्णा …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कृष्णा है और में पुणे कि एक कम्पनी में जॉब करता हूँ, मेरी उम्र 24 साल है, हाईट 5 फुट 9 इंच, वजन 68 किलोग्राम है। अब में सीधा मेरी लाईफ की रियल सेक्स स्टोरी पर आता हूँ, वैसे तो ये सिर्फ़ स्टोरी नहीं है ये किसी को पटाने काएक तरीका है। वैसे अभी तक मेरी शादी नहीं हुई है और ना ही मेरी कोई गर्लफ्रेंड है और इससे पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया है, जो कुछ भी है मुठ मारकर ही काम चलाया है। वैसे तो मेरी लाईफ में सब कुछ ठीक ही चल रहा था, लेकिन एक दिन मुझे मेरे बॉस ने बुलाया तो में उनके कैबिन में गया तो मैंने देखा कि बॉस के सामने एक और कोई बैठा हुआ था तभी..

बॉस- कृष्णा ये मिस स्मिता है और ये आज ही हमारी कम्पनी में जॉइन हुई है।

में -(उसकी तरफ देखकर) हाय।

स्मिता – हैल्लो।

बॉस– कृष्णा, ये इस शहर में नई है इन्हें यहाँ का कुछ मालूम नहीं है और इन्हें यहाँ रहने के लिए एक फ्लेट या रूम चाहिए, तो तुम इनकी मदद करो।

में – ओके, सर।

बॉस- तुम्हें कोई प्रोब्लम तो नहीं है?

में – नहीं सर।

और फिर हम बाहर आए।

में – आप कहाँ से आई हो?

स्मिता- वेस्ट बंगाल।

उस वक्त उसने लाईट प्लेन चॉकलेटी कलर की साड़ी पहनी थी। अब में उसे देखकर थोड़ा हैरान था, क्योंकि उसकी शादी हुई थी और उसके गले में कुछ भी नहीं था और वो थोड़ी उदास भी लग रही थी,फिर मैंने उससे बोला।

में -तो आपको यहाँ पर रूम चाहिए या फ्लेट?

स्मिता- कुछ भी चलेगा, लेकिन मुझे अकेले के लिए चाहिए।

में -ठीक है।

स्मिता- और ज्यादा दूर नहीं होगा तो अच्छा होगा।

में –में जहाँ रहता हूँ वहाँ पर एक फ्लेट है, उसका किराया थोड़ा ज्यादा है मतलब अकेले हो इसलिए।

स्मिता – कितना?

में -वैसे तो 8000 रुपये है, लेकिन फ्लेट के मालिक से बात करके देखेंगे,शायद कुछ कम करेगा1BHK है और फर्निचर भी कंप्लीट है

स्मिता- क्या हम वो देख सकते है?

में – हाँ ज़रूर, क्यों नहीं?

स्मिता- कितना दूर है यहाँ से?

में – 8 किलोमीटर है।

स्मिता- ठीक है, ज्यादा दूर नहीं है।

में -तो चले?

स्मिता – हाँ।

उसके पहले मैंने उस फ्लेट के मालिक से बात की और फिर मैंने अपनी बाइक निकाली और फिर हम दोनों बाइक पर बैठकर फ्लेट देखने चले गये। फिर मैंने उन्हें फ्लेट दिखाया, जो कि मेरे पड़ोस में ही मेरे ही फ्लोर पर था और फिर उन्हें फ्लेट पसंद आ गया। फिर उसने मुझे किराये के बारे में पूछने के लिए कहा, तो मैंने फ्लेट मालिक से किराये की बात की और बातचीत करके 6500 रुपये किराया तय किया।अब में जिस फ्लेट में रहता था उसका मालिक भी वही था इसलिए उसने एडवांस भी ज्यादा नहींलिया और मान गया। फिर हम वापस ऑफिस चले गये, तब लंच टाईम हुआ था, इसलिए हमने कैंटीनमें बैठकर लंच किया।

स्मिता – थैंक्स,आपने मेरा एक काम हल्का कर दिया।

में – अरे उसमें थैंक्स क्या?

उस वक्त मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं था, फिर मैंने हिम्मत करके उन्हें पूछा।

में – स्मिता जी, जब बॉस ने मुझे बुलाया और कहा कि आप मिस स्मिता है, लेकिन आपको देखकर तो ऐसा नहीं लगता, मतलब आपके गले में कुछ नहीं है और ना हाथ में है,मतलब आपने ज्वैलरी ऐसा कुछ पहना नहीं है?

स्मिता – में विधवा हूँ औरमेरे पति की मौत हो गयी है।

में -ऑश सॉरी।

स्मिता- इट्स ओके, तो में उस फ्लेट में रहने कब आ सकती हूँ?

में – में मालिक से कहकर फ्लेट साफ करवा लेता हूँ और कल ही आपको फ्लेट की चाबी मिल जायेगी,फिर जो एग्रिमेंट है वो हम बाद में कर लेंगे।

वैसे आप अभी कहाँ पर रहती हो?

स्मिता- मेरा इस शहर में कोई नहीं है, में अभी तो लॉज पर ही रह रही हूँ।

में – तो ठीक है, में कल ही आपको फ्लेट की चाबी दिला देता हूँ, आप कल ही शिफ्ट हो जाइये।

फिर मैंने उनका सब काम करवा कर उनको अगले ही दिन फ्लेट में शिफ्ट होने को कहा और वो भी शिफ्ट हुई और उन्हें फ्लेट में जो मदद चाहिए थी वो भी मैंने कर दी, अब सब काम होने के बाद मेंजाने लगा।

स्मिता – थैक्स कृष्णा जी, आपने मेरी बहुत सारी मदद की है।

में – अरे, उसमें थैंक्स की क्या बात है? हाँ अगर आपको थैंक्स कहना है तो उसके बदले में आप मुझे किसी दिन खाने पर बुलासकती हो, में उसमें ही खुश हूँ।

स्मिता(स्माइल करते हुए)– अरे, क्यों नहीं ज़रूर?

फिर में वहाँ से निकल गया औरमेरा रोजाना का रूटीन शुरू हुआ,लेकिन फिर एक दिन वो ऑफिस के लिए निकली थी और उसी वक्त में भी ऑफिस जाने के लिए निकला था।

में -ऑफिस जा रहे हो?

स्मिता – हाँ।

में – तो चलो, में भी ऑफिस ही जा रहा हूँ साथ में चलते है।

स्मिता–नहीं,में बस से चली जाउंगी।

फिर मैंने फोर्स किया तो वो मान गयी और हम बाइक पर बैठकर चले गये और अब में अपनी बाइकपार्क कर रहा था, तब बॉस भी उनकी कार पार्क करके आरहे थे तब।

बॉस–अरे, आप दोनों एक साथ?

में – यस सर, अब हम पड़ोसी हो गये है तो साथ में ही आए है।

बॉस-तुम्हारे पास ही रूम मिल गया क्या?

में – जी सर।

बॉस- ये तो और भी अच्छी बात है।

में – क्यों सर?

बॉस-स्मिता का ट्रैनिंग पीरियड चल रहा है और तुम दोनों पास में ही रहते हो तो तुम ही उसको सब काम सिखा दो और घर पर भी थोड़ा काम सिखाते रहो, ताकि वो जल्दी सीख जायेगी। तुम एक काम करो, कुछ फाईल साथ लेकर जाओऔर उसे सिखा दो।

में – मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है सर, बस आप स्मिता जी से पूछ लो?

स्मिता-नहीं सर, मुझे भी कोई प्रोब्लम नहीं है।

फिर ऑफिस से छूटने के बाद भी हम निकले तो जाते वक्त भी मैंने उनको मेरे साथ आने के लिए ऑफर किया और हम साथ में ही वापस घर आए। उस वक्त स्मिता ने मेरा मोबाईल नंबर माँगा और हमने अपने मोबाईल नंबरएक दूसरे को दे दिए।

स्मिता – जब में फ्री हो जाउंगी तो में आपको कॉल करती हूँ, क्योंकि ऑफिस का काम जो सीखना है,इसलिएआप आ जाना।

में – हाँ ठीक है,आप मुझे कॉल कर देना।

उस वक्त भी मेरे मन में उनके बारे में कुछ गंदी बात नहीं थी। फिर रात को 9 बजे स्मिता का कॉल आया तो में उनके फ्लेट में चला गया और फिर में उन्हें ऑफिस के काम के बारे में बताने लगा। अब वो भी जल्दी-जल्दी सब समझ रही थी और फिर में 11 बजे को वापस आया। उस वक्त मेरे रूम पार्ट्नर ने पूछा कि कहाँ गया था? तो मैंने उसे सब बताया,तो तब उसने कहा कि यार तुम्हें उससे प्यार तो नहीं हुआ है, उसकी इतनी मदद कर रहा है।

में – पागल है क्या? वो शादीशुदा है और विधवा भी है।

रूम पार्ट्नर– अरे, ये तो और भी अच्छी बात है प्यार को छोड़ इस मदद के बदले मज़े कर लो, वैसे भीमैंने उसे बहुत बार देखा है, वो बहुत सेक्सी है। फिर उस वक्त तो मैंने उसकी बात को टाल दिया, लेकिन जब सोचा कि यार वैसे भी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, अभी तक में हिलाकर काम चला रहा हूँ, तो क्यों ना में इसे ही पटा लूँ?अब उसे भी मर्द की ज़रूरत पड़ती होगी। अब वैसे भी वो यहाँ पर अकेली है और उसी वक्त से में उसपर डोरे डालने लगा और वो मुझे अच्छी लगने लगी, मुझे उसके पास जाने के इतने मौके मिल रहे है तो कुछ करना तो बनता है।

फिर मैंने तय किया कि में इसके जितने करीब जाऊंगा, उसे पटाने के चान्स उतने ज्यादा है। फिर जब वो ऑफिसके लिए निकलती तोमें भी उसी वक्त ऑफिस के लिए निकलता और उसे अपने साथ लेकर जाने लगा। वैसे तो वो मुझे टच भी नहीं करती थी, लेकिन एक दिन एक ऑटो वाला बीच मेंआ गया और मैंने ज़ोर से ब्रेक मारा और वो मेरे पीछे चिपक गयी, तब मैंने उसकी चूचीयां महसूस की और मेरा लंड टाईट हो गया।

स्मिता–सॉरी।

में – अरे, तुम क्यों सॉरी बोल रही हो?यहाँ पर ये सब होता ही रहता है,तुम ज़रा पकड़ कर बैठो नहीं तो किसी दिन गिर जाओंगी।

फिर हम ऑफिस पहुँचे और उस दिन से हमारा रोज का ऑफिस आना जाना शुरू हुआ। अब में उसके घर जा कर उसके ऑफिस के काम की मदद करने लगा और उसी बहाने से उसके बदन को गंदी नज़र से देखने लगा, तब उसको ये बात पता नहीं थी। फिर एक दिन हम ऑफिस गये, तो जब में बाइक पार्क कर रहा तब वो बोली।

स्मिता–कृष्णा, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है?

में – हाँ बोलो।

स्मिता– देखो बुरा मत समझना, लेकिन हम ऐसे बाइक पर रोज नहीं आ सकते है, लोग क्या सोचेंगे? इसका मुझे डर लग रहा है।

में – ठीक है, लेकिन ये बात है कि लोगों को खुद के बारे में सोचने के लिए भी वक्त नहीं है,तो वो हमारे बारे में कब और क्या सोचेंगे?

स्मिता- ठीक है।

फिर एक दिन रविवार को में अपने रूम में बैठकर बोर हो रहा था,तो मैंने सोचा कि उसके रूम पर जाता हूँ औरकुछ बात बन जाए। फिर में उसके दरवाजे के सामने गया और डोरबेल बजाई,तो उसने दरवाजा खोला।

स्मिता- आप हो, आओ।

फिर में अंदर गया

स्मिता- कुछ काम था?

में -नहीं कुछ काम तो नहीं है बस छुट्टी है तो रूम में बोर हो रहा था इसलिए आया हूँ, सोचा आपकेहाथ की एक चाय भी पी लूँ।

स्मिता– अरे, क्यों नहीं? आप बैठो में अभी लाती हूँ।

फिर उस वक्त मैंने सोचा कि आज अच्छा मौका है,आज इसके दिल में घुसकर रहूँगा। फिर वो चाय बनाकर लेकर आई और अब हम दोनों बैठकर चाय पी रहे थे और वो कुछ ऑफिस के काम के बारे में बोल रही थी। लेकिन मेरा ध्यान कहीं और ही था,अब में कुछ सोच रहा था कि इससे क्या पूछूँ?तब मैंने सोचा कि इसकी शादी की और फेमिली के बारे में पूछता हूँ।

में – स्मिता जी, में आपको कुछ पर्सनल सवाल पूछ लूँ तो आपको बुरा तो नहीं लगेगा?

स्मिता-किस बारे में?

में – मतलब, आपकी फेमिली और आपकी शादी के बारे में।

तब उन्होंने उनकी फेमिली और और शादी के बारे में बोलना शुरू किया, उनकी फेमिली में कौन-कौन है? उनकी शादी कैसे हुई?उनकी शादी को कितने साल हुए थे?और फिर उनके पति कि मौत कैसे हुई? और उसके बाद वो यहाँ पर आई।

फिर पूरे 2 घंटे तक उन्होंने मुझे ये सब कुछ बताया और में सुनता रहा और फिर वो रोने लगी थी, जब उनके पति की मौत के बारे में उसने कहा थातो तब मैंने सोचा कि यही सही मौका है कुछ करना पड़ेगा, फिर मैंने उनके आसूं पोछे।

में – सॉरी स्मिता जी,मैंने आपको रुलाया मुझे ये सब नहीं पूछना चाहिए था।

स्मिता-कोई बात नहीं उल्टा मेरा ही मन हल्का हो गया।

तब 8 बजे हुए थे।

स्मिता- आज बहुत देर हो गयी है चलो मुझे खाना बनाना है,आज आप यहीं खाना ख़ा कर जाना।

में –मेरे पास इससे अच्छा आइडिया है, वैसे भी देर बहुत हो गयी है और आप कहाँ खाना बनाने मेंटाईम ख़राब करोगी, हम आज रात को डिनर के लिए बाहर चले जाते है।

फिर पहले तो उसने मना किया,लेकिन बाद में मैंने उन्हें कुछ ज्यादा फोर्स किया, तो वो मान गयी। फिर हम तैयार होकर एक होटल में खाना खाने गये,तो उस वक्त मैंने उससे पूछा।

में – स्मिता जी, आपकी लाईफ में बहुत कुछ हो चुका है,उसे कोई बदल तो नहीं सकता, लेकिन में ये जान सकता हूँ कि आपने लाईफ में आगे क्या सोचा है?

स्मिता-किस बारे में?

में –मतलब, आप फिरसे शादी करोगी या नहीं?

स्मिता–नहीं,में अब शादी नहीं कर सकती और में करना भी नहीं चाहती हूँ।

में – क्या में जान सकता हूँ कि क्यों?

स्मिता-मुझे नहीं पता, लेकिन अब में शादी नहीं करना चाहती हूँ।

में – अकेले लाईफ गुजारना बहुत मुश्किल है स्मिता जी और आप एक औरत है, सब कुछ इतना आसान नहीं है।

फिर वो शांत रही।

में – आपको लाईफ में कभी ना कभी एक आदमी की ज़रूरत ज़रूर लगेगी, जो अपना हो।

फिर वोभी कुछ नहीं बोली अब वो शांत थी, फिर हमने खाना खाया और वहाँ से निकले। फिर मैंने सोचा कि अब मुझे अपनी तरफ से आगे बढ़ना चाहिए,फिर जब वो बाइक पर बैठी तो तब मैंने उनका एक हाथ पकड़ा और मेरे कंधे पर रखा।

में – संभलकर बैठिए।

फिर उन्होंने भी अपना हाथ नहीं हटाया, अब रास्ते में जाते वक्त मैंने बाइक थोड़ी स्पीड से चलाई और कुछ ब्रेक भी ऐसे लगाये जिससे वो मेरी पीठ को टच करे और में उसे महसूस करने लगा। अब मेरा लंड खड़ा हो गया था, वैसे भी जब वो सामने आती थी तो वो अपने आप ही खड़ा हो जाता था। फिर हम घर पहुँचे और वो गुड नाईट कहकर जाने लगी,तो तब मैंने उन्हें रोका और कहा।

में – स्मिता जी, लाईफ बहुत छोटी है और यह एक ही बार मिलती है, इसे बर्बादमत कीजिए इसे खुलकरजीना चाहिए, में एक दोस्त के नाते फ्रेंडशिप का हाथ आगे बढ़ा रहा हूँ इसे कबूल कीजिए और अपने दिल के सुख दुख मेरे साथ शेयर कीजिए।

फिर भी वो कुछ नहीं बोली और फिर चली गयी। फिर मैंने भी मन ही मन सोचा कि लगता है आज की रात भी ब्लू फिल्म देखकर हिलाने में ही जायेगी। फिर अगले दिन में उनका इंतजार कर रहा था कि कब वो ऑफिस जाने के लिए निकलेगी? और में बाइक के पास जाकर खड़ा हुआ था। तभी वो आई और उस वक्त में उन्हें देखता ही रह गया, मैंने पहली बार उन्हें सूट में देखा था, उनके बाल खुले हुए थे और चेहरे पर थोड़ी स्माइल थी, फिर वो मेरे पास आई।

स्मिता-चले ऑफिस?

में – लगता है मेरी रात की बातों का आपके ऊपर कुछ असर ज़रूर हुआ है।

फिर हम ऑफिस चले गये, अब वो थोड़ा खुलकर मेरे साथ बातें करने लगी थीऔरअब वो मुझे अपना दोस्त समझने लगी थी और अब मेरी सेक्स स्टोरी आगे बढ़ने लगी थी। अब वो बिना कुछ कहे बिना कुछ सोचे रोज मेरे साथ ऑफिस आने-जाने लगी थी। अब जो में चाहता था वो होने लगा था, अब वो अपनी लाईफ के छोटे-छोटे किस्से मेरे साथ शेयर करने लगी थी। फिर एक रात में खाना खाने के बाद उसके घर पर गया और हम बातें कर रहे थे तब। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

में – स्मिता जी एक बात पूंछू?

स्मिता – हाँ पूछो।

में – आपको अभी भी आपके पति की याद आती होगी ना?

फिर वो थोड़ी शांत हुई।

स्मिता – हाँ आती है और खासकर रात को जब में घर में होती हूँ तो अकेलापन सहा नहीं जाता, ऐसा लगता है कहीं से तो वो आए और मुझे प्यार से अपनी बाँहों में ले और।

और फिर वो शांत हुई।

में – और?बोलिए ना।

स्मिता-नहीं कुछ नहीं सॉरी।

फिर मैंने स्मिता का हाथ मेरे हाथ में लिया।

में – और आपको प्यार करे,ऐसा ही ना?

फिर वो शांत रही।

में – स्मिता जी, में जानता हूँ किआप जब उनकी बाँहों में होती होगी तो आपको सबसे ज्यादा सुरक्षित और हैप्पी लगता होगा।

स्मिता – हाँ,कुछ ऐसा ही।

में – स्मिता जी, मुझे आपसे कुछ कहना है।

में – में नहीं जानता ये सुनकर आपको अच्छा लगेगा या बुरा, लेकिन मुझे आपको ऐसे दुखी देखकर अच्छा नहीं लगता है, देखिए में आपके पति की जगह तो नहीं ले सकता हूँ,लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि हमें हमारी फ्रेंडशिप के आगे बढ़कर हमारे रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहिए, देखिए आप ग़लत मत समझना, मुझे पता है कि आप इस वक्त सोच रही होगी कि एक विधवा को देखकर में आपको फंसा रहा हूँ,लेकिन बात ही ऐसी है किआपके साथ रहकर पता नहीं कैसे? लेकिन मुझे आपसे प्यार हो गया है औरमुझे ऐसा लगता है कि में हर वक्त आपके साथ रहूँ। में अब सिर्फ़ आपके बारे में सोचने लगा हूँ।

स्मिता ने उस वक्त उसका हाथ मेरे हाथ से निकाल लिया और दूसरी तरफ देखकर बोली।

स्मिता – कृष्णा जी,मुझे लगताहैकिअब आपको जाना चाहिए, रात बहुत हो गयी है।

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फिर वो उठकर किचन में चली गयी,अब मुझे लगा कि उन्हें गुस्सा आया होगा, इसलिए में भी वहाँ से निकलकर मेरे फ्लेट में आ गया। उस रात मुझे नींद नहीं आई,अब मुझे ऐसा लगा कि मैंने उनकी फ्रेंडशिप भी खो दी है। फिर दूसरे दिन में ऑफिस के लिए तैयार हुआ और बाइक के पास जाकर उनका इंतजार करने लगा, तो वो आकर मेरे सामने खड़ी हुई। अब हम दोनों चुप थे, कोई कुछ नहीं बोला और फिर मैंने बाइक स्टार्ट की और वो बैठ गयी और हम चले गये। तब मुझेलगा कि उन्हें मेरी बात का बुरा नहीं लगा है। अब पूरा दिन निकल गया,फिर हम ऑफिस से घर आए और दिनभर हमारी कुछ बात नहीं हुई और ना ही बाईक पर आते वक्त कोई बात हुई।फिर रात को खाना खाने के बाद में मेरे रूम में बैठा था और स्मिता के बारे में ही सोच रहा था, तभी मेरा फोन बजा तो मैंने देखा कि वो कॉल स्मिता का था, तो मैंने झट से कॉल रिसीव किया।

में – हैल्लो, हाँ बोलिए स्मिता जी।

स्मिता- क्या बात है,आज आप मेरे फ्लेट में आयेनहीं?

अब में थोड़ा मज़ाक करते हुए।

में –नहीं, मैंने सोचा कि आप मेरे फ्लेट पर आओगी।

स्मिता-आपके यहाँ?

में – अरे, में मज़ाक कर रहा था में आता हूँ।

स्मिता – ओके।

उस वक्त में बहुत खुश था मेरी खुशी सातवें आसमान पर थी,फिर में झट से तैयार हो कर उनके फ्लेट पर चला गया।

स्मिता- क्या हुआ आप आज आने वाले नहीं थे क्या?या कोई काम में फंस गये थे?

में -नहीं तो, आपकोमुझसे कुछ काम था?

स्मिता–नहीं,ऐसे ही बोर हो रही थी और बात करने के लिए भी कोई नहीं था और यहाँ पर टी.वी भी नहीं है।

में – अच्छा, तो आपको मनोरंजन करना है।

स्मिता-अरे ऐसी बात नहीं है, बस कुछ बातें ही करते है।

में – हाँ तो ठीक है बोलिए, में सुनता हूँ।

स्मिता – कृष्णा जी, कल रात को मुझे नींद नहीं आई।

तो अब हम दोनों थोड़े सीरीयस हुए।

में – क्यों?

स्मिता-कल रात को जो बात आपने मुझसे कही थी, बस वही बात मेरे दिमाग़ में रातभर चल रही थी।

में – तो क्या सोचा आपने रातभर?

स्मिता- मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है,क्या करूँ? जो हाल आपका है वही मेरा हो रहा है, आपके साथ रहकर मुझे भी आप अच्छे लगने लगे हो, मतलब मुझे भी आपसे प्यार हो गया है, लेकिन डर भी लग रहा है कि।

में – कि, में आपके साथ चीटिंग तो नहीं करूँगा? यही ना।

स्मिता – एक्च्युयली हम्म्म्म।

में – खड़े हो जाइये।

स्मिता – क्यों?

में – होओतो सही।

फिर मैंने उनके कंधो को पकड़ा और उन्हें खड़ा किया।

में – स्मिता जी, मुझे हग करो।

स्मिता–क्या, लेकिन क्यों?

में –मुझे हग करो।

फिर वो मुझे हग करने मेरे पास आई और में भी उनके पास चला गया और अब हम दोनों एक दूसरे कीबाँहों में आए।

में -अब एक बड़ी सी सांस लीजिए।

फिर उन्होंने भी सांस भरी और फिर मैंने उन्हें साईड में किया।

में -अब आपको कैसे लग रहा है? आपको आपके पति की बाँहों में जैसा सुरक्षित लगता था, ऐसा लग रहा है?

फिर वो थोड़ी सी हंसी और शरमाते हुए नीचे देखते हुए फिर से मेरी बाँहों में आ गयी।

में -तो आपने मेरा प्रपोज़ल कबूल किया, ऐसा में समझ लूँ?

स्मिता – ह्म्म्म।

में – तो कहो ना।

स्मिता – क्या?

में – आई लव यू टू।

स्मिता- मुझे शर्म आती है।

में –अरे, तो यहाँ और कौन है? जो आप शर्मा रही हो।

स्मिता-(स्माइल करते हुए) आई लव यू टू।

फिर हम सोफे पर बैठकर बातें करने लगे औरउस वक्त हम दोनों बहुत खुश थे,लेकिन मुझे सेक्स की भूखसता रही थी, ऐसा लगता था अभी इसको दबोच लूँ और चोद डालूं,लेकिन मैंने सोचा कि अभी इसको सेक्स के लिए बोला तो वो नाराज़ हो जायेगी इसलिए मैंने उस वक्त कुछ नहीं किया औरफिर 3-4 दिन निकल गये। फिर शनिवार के दिन मैंने सोचा कि आज कुछ भी करके इसको चोदना ही है, इसलिए मैंने उससे कह दिया कि आज आधी छुट्टी ले लो, में भी ले रहा हूँ और उसने आधे दिन की छुट्टी ऑफिस से ले ली और हम फ्लेट पर आने लगे, तो उसने पूछा।

स्मिता- आज आधे दिन की छुट्टी लेने के लिए क्यों बोला?

में – मुझे आज तुम्हारे हाथ का खाना खाना है।

स्मिता- बस इतनी सी बात, वो तो में शाम को जाने के बाद भी बना देती।

में -नहीं मुझे आज कुछ मीठा खाना है तुम्हारे हाथ का बना हुआ, सुना है बंगाल की मिठाई बहुत मशहूर है।

स्मिता – हाँ,वो तो है।

में – ठीक है,आज कुछ बनाओ।

स्मिता- ठीक है, बनाती हूँ।

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फिर हम कुछ सामान लेने मार्केट गये और फिर हम रूम पर चले गये, फिर वो अपने फ्लेट में चली गयी और में मेरे फ्लेट में चला गया। फिर शाम को 6 बजे में फ्रेश होकर उसके घर गया,तो वो कुछ बनाने की तैयारी कर रही थी, तब उसने चेंज भी नहीं किया था औरवो उसी टाईट सलवार कमीज़ में थी और खाना बनाने में लगी हुई थी।

में -ये क्या तुमने अभी तक चेंज भी नहीं किया?

स्मिता-नहीं टाईम कहाँ है? आते ही किचन में काम पर लगी हूँ।

में – तो में कुछ मदद कर दूँ।

स्मिता-में सब संभाल लूँगी और कुछ होगा तो में बोल दूँगी।

फिर वो किचन में चली गयी औरफिर में बाहर हॉल में बैठकर एक नॉवेल पढ़ने बैठा,लेकिन मेरे दिमाग़ मेंकुछ और ही था, क्योंकि उस रात में किसी भी हाल में उसे चोदने ही वाला था, में पूरी तैयारी के साथ आया था और हेयर रिमूवर से सारे लंड के बाल भी निकाल दिए थे। फिर थोड़ी देर तक बैठने के बाद मेंबोर होने लगा और उसके रूम में टी.वी भी नहीं थी, इसलिए में किचन में जाने लगा तो तब मैंने स्मिता की बेक साईड को गंदी नज़रोसे देखा,अब मेरा लंड खड़ा हुआ था। फिर में उसके पास गया, उसने दुपट्टा भी नहीं डाला था और काम करते वक्त वो आगे झुकती थी तो मुझे उसके बूब्स की दरार दिखने लगती थी।

में – क्या बन रहा है यार? बहुत अच्छी खुशबू आ रही है।

स्मिता-थोड़ी देर रूको, स्वाद चखोगे तो उंगलियां चाटते रह जाओगे।

में – हाँ हाँ देखते है,वैसे आपको खाना बनाना किसने सिखाया?

स्मिता – माँ ने सिखाया।

फिर वो अपनी माँ के बारे में बताने लगी,अब वो बोल रही थी, लेकिन मेरा ध्यान कहीं और ही था और वो काम भी कर रही थी,फिर थोड़ी देर के बाद।

में – लगता है में मेरा मोबाईल रूम में ही भूल गया हूँ, रुको में अभी आता हूँ।

फिर में वापस मेरे रूम पर आया,फिर मैंने सोचा कि पहले सेक्स की शुरुवात किचन से ही शुरू होती है।फिर मैंने परफ्यूमकी बोतल ली और खुद के ऊपर स्प्रे किया और वापस उसके फ्लेट में चला गया और दरवजा बंद किया। वो तब भी किचन में ही थी,अब मुझे बहुत डर लग रहा था, फिर भी में हिम्मत करके किचन में गया और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और धीरे से उसके पीछे से चिपक गया और उसकी कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया, तो वो थोड़ी हैरान हुई, लेकिन उसने उल्टा जवाबनहीं दिया।

स्मिता-क्या कर रहे हो कृष्णा?उसे पता था कि में किस मूड में हूँ,फिर भी वो पूछ रही थी।

फिर में अपना सिर उसके कान के पास लेकर गया और बोला।

में – आई लव यू स्मिता।

इतना कहकर में उसके गले को किस करने लगा और वो भी महसूस करने लगी थी। अब वो मुझे रोक नहीं रही थी, इसलिए में भी किस करता रहा। तभी उसने गैस बंद कर दिया और फिर धीरे-धीरे मेरी तरफ घूमी औरअब वो मेरी बाँहों से अलग हो गयी थी,अब हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे।फिर मैंने उसे मेरी बाँहों में लिया और उसके पास जाकर मेरे लिप उसके लिप पर रखे और किस करने लगा। अब उसने अपनी आखे बंद की हुई थी और में उसके लिप को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।अब उसने मेरे सिर को पकड़ लिया था औरअब उसका भी मूड बन गया था। अब मेरा खड़ा लंड शायद वो महसूस कर रही थी। अब मेरे हाथ उसकी पीठ पर थे औरफिर में उन्हें धीरे-धीरे नीचे ले जाकर उसके हिप्स को मसलने लगा। फिर में उसके गले को चूमने लगा औरअब हम 10-15 मिनट तक वही पर किस करते रहे और फिर वो होश में आई और उसने मुझे साईड में किया।

स्मिता –हमें पहले खाना खा लेना चाहिए।

में – ठीक है जल्दी से लेकर आओ, में बाहर हूँ।

फिर में डाइनिंग टेबल पर जाकर बैठ गया और वो खाना लेकर आई,फिर हमने खाना खाया। फिर मैंने उसकी बनाई हुई मिठाई की भी खूब तारीफ की।

स्मिता – कैसी बनी है?

में – अच्छी है, लेकिन थोड़ी मीठी कम लग रही है।

स्मिता – अच्छा?लेकिन मुझे तो सही लग रही है,मिठास भी तो अच्छी है।

में – अरे उसकी मिठास शानदार है, लेकिन पहले जो स्वीट खाई है वो इससे भी मीठी थी, इसलिए शायद ये फीकी लग रहा है।

फिर जानते हुए भी उसने मुझसे पूछा।

स्मिता–पहले कौन सी स्वीट खाई है?

में – अभी जो तुमने किचन में खिलाई वो।

फिर वो हंसी और उसने मेरे हाथ पर धीरे से मारा और बोली।

स्मिता – बेशर्म।

इतना कहकर वो शरमाई,फिर हम दोनों ने चम्मच से एक-दूसरे को खिलाते हुए हमने खाना ख़त्म किया और फिर वो किचन में चली गयी। अब में सोफे पर जाकर बैठ गया औरअब वो अंदर बर्तन साफ़ कर रही थी,तो अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो में फिर से किचन में गया और फिर से उससे चिपक गया।अब वो समझ गयी थी कि आज रात को क्या होने वाला है? अब में उसकी पीठ को चूम रहा था।

स्मिता-क्या कर रहे हो कृष्णा?थोड़ी देर रूको ना।

लेकिन में नहीं रुका और उसे चूमता रहा। फिर उसने अपने हाथ साफ किए और वापस मुड़ी। फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाया और सीधे बेडरूम में चला गया और उसे बेड पर लेटाया और उसकी साईड में लेटकर में उसे किस करने लगा। फिर में धीरे-धीरे उसके ऊपर आया,अब में किस करते वक्त उसके बूब्स भी दबा रहा था। फिर में साईड में हुआ और मैंने मेरी टी-शर्ट उतार दी और फिर मैंने उसकी कमीज़ भी उतार दी औरउसने अंदर ब्रा पहनी थी। फिर मैंने उसकी ब्रा को ऊपर किया और उसके बूब्स बाहर निकाले और उसे चूसने लगा। फिर उसने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर ब्रा के हुक खोले और मैंने उसकी ब्रा को साईड में किया। अब में उसके बूब्स मसल रहा था, चूस रहा था। अब उसने अपनी आँखे बंद की हुई थी औरअब हम दोनों की साँसे तेज चलने लगी थी,अब मुझे उसकी गर्म साँसे पागल कर रही थी। अब में अपने एक हाथ से उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलने लगा औरमें उसकी पेंटी को महसूस कर कर रहा था। फिर में उसको चूमते हुए उसके पेट तक आया और उसकी नाभि में ज़बान डालकर उसे चूसता रहा। फिर उसने भी अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरी नाईट पेंट के ऊपर से ही मेरे टाईट लंड को मसलने लगी। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोला औरफिर में और भीनीचे गया और उसकी सलवार निकाली।

फिरमैंने देखा कि उसने पिंक कलर की पेंटी पहनी है और वो चूत के सामने थोड़ी गीली हो गयी थी, उसकी पेंटी भी बिकनी टाईप छोटी सी थी और पीछे से उसकी गांड में घुसी हुई थी। अब उसका पूरा गोरा बदन मेरे सामने नंगा था। फिर में उसके पैरो को चूमने लगा और धीरे-धीरे उसकी जाँघो तक चूमता हुआ गया। अब में उसकी चूत की साईड में चूम रहा था, तब मुझे उसकी चूत का नमकीन सा स्वाद आया। अब में समझ गया कि वो पानी छोड़ रही है। फिर मैंने उसकी पेंटी नीचे की औरउसकी चूत की साईड में छोटे-छोटे बाल थे, में फिर से ऊपर गया और मैंने मेरी पेंट और अंडरवेयर भी उतार दी। अब हम दोनों पूरे नंगे थे औरअब उससे कंट्रोल नहीं हो रहा था, में फिर से उसके ऊपर चढ़ा औरहम एक दूसरे की बाँहों में आए,फिर उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और मसलने लगी। फिर मैंने उसे चूमते हुए अपने ऊपर लिया और में नीचे लेट गया। अब हम किस कर रहे थे औरउसकी खुली जुल्फे मेरे चेहरे पर आ रही थी। अब में उन्हें सवार रहा था औरवो भी मेरे बदन को चूमने लगी थी। अब हम बहुत गर्म हो चुके थे।वहांपंखा चल रहा था फिर भी हमें गर्मी लग रही थी।

फिर वो चूमते हुए नीचे गयी और फिर में हैरान हो गया जब उसने मेरे लंड को किस किया और उसे मुँहमें लिया और उसे लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। अब उसके लिप मेरे लंड पर रग़ड रहे थे,अब में भी महसूस करने लगा और कहराने लगा था। अब वो मेरे लंड की गोलियोंके साथ खेल रही थी और लंड को चूस रही थी। फिर उसने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा और फिर से मेरी साईड में लेट गयी और अपनी टाँगे फैलाईतो में फिर से उसके ऊपर गया और उसकी टांगो के बीच में जाकर मैंने अपने लंड को हाथ में लिया और उसकी चूत पर सेट किया और धीरे से अंदर डाला, उसकी चूत टाईट थी। फिर मैंने हल्के से कमर उठाई और लंड को थोड़ा पीछे किया और फिर आगे किया और ऐसे ही धीरे-धीरे मैंने शॉट लगाने शुरू किए और फिर अपनी स्पीड तेज करता गया। अब मेरा लंड अंदर बाहर होने लगा था और उसने भी मुझे टाईट जकड़ लिया था।

फिर कुछ देर के बाद घमासान चुदाई शुरू हुई। अब में पूरी ताक़त से गांड उठाकर उसे चोदने लगा औरअब वो भी कहराने लगी थी और बीच-बीच में उसकी चीखे भी निकलने लगी थी। अब हम दोनों पसीने से पूरे भीग चुके थे,औरअब स्मिता के मुँह आह्ह्ह्ह ह्म्‍म्म्म हम्मम्म हह्ह्ह्हह आहह्ह्ह्हह की आवाजे निकलने लगी थी। अब उसका कहराना मुझे और भी उत्तेजित कर रहा था, अब मेरा लंड अंदर जाने के बाद किसी चीज़ से टकराता था। फिर उसने अपनी टाँगे मेरी कमर के ऊपर जकड़ ली औरफिर मैंने धक्के लगाने बंद किए और किस करने लगा। फिर उसने अपनी टाँगे फैलाई और में फिर से उसे चोदने लगा। इस बार में पूरी ताक़त से मेरी गांड उसके ऊपर पटक रहा था। अब उसकी आँखे बंद थी, लेकिन उसकी आँखों से पानी निकल रहा था, तब मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पूरा गीला हो गया है।

अब में समझ गया था कि स्मिता ने अपना पानी निकाल दिया है,तभी मेरे लंड ने भी इशारा किया और 15-20 मिनट कि चुदाई के बाद मैंने पहली बार एक चूत में अपना पानी निकाला और फिर मेरा लंड शांत हुआ। फिर मैंने मेरा लंड बाहर निकाला और उसको साईड में लेट गया। अब हम दोनों बहुत थके हुए थे औरहमारी सांसे बहुत तेज-तेज चल रही थी। फिर हम थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटे रहे औरअब थोड़ी देर के बाद हम एक दूसरे को देख रहे थेअब स्मिता बहुत खुश थी, क्योंकि पूरे 1 साल के बाद उसने फिरसे सेक्स किया था,लेकिन अभी तक उसका मन भरा नहीं था,फिर उसने मेरे मुरझाये हुए गीले लंड को फिर से हाथ में लिया और उसके साथ खेलने लगी।

स्मिता – थैंक्स कृष्णा,आज फिर से तुमने मुझे खुलकर जीना सिखाया है,में हर वक्त मेरे पति की यादोंमें खोई रहती थी, लेकिन तुमने मुझे उसको भूलने के लिए मजबूर किया है।

अब मेरा लंड फिर से टाईट हो गया था और मुझे उसे पूरी रात चोदना था इसलिए में कुछ नहीं बोला।फिर मैंने उसे फिर से अपनी बाँहों में लिया और उसे लिप किस करने लगा। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी, क्योंकि उसे भी और सेक्स करना था। अब किस करते वक्त में फिर से उसके ऊपर आया और फिर में उसके बूब्स चूसने लगा। फिर थोड़ी देर तक बूब्स चूसने के बाद मैंने टाईम पास ना करते हुए, फिरसे उसकी टाँगे फैलाई और उसकी चूत के ऊपर अपनेलंड को सेट करके फिर से चुदाई शुरू कर दी। अब में उसे पूरे जोश में चोद रहा था औरफिर बीच में थोड़ा रुका, तब वो बोली।

स्मिता – क्या तुम मुझसे शादी करोंगे?

में – या अफ़कोर्स बेबी।

अब इतना कहकर मैंने फिरसे धक्के लगाए और फिर 15-20 मिनट के बाद मैंने उसकी चूत में फिर से अपना गाढ़ा वीर्य निकाला। फिर में उसे किसी भूखे शेर की तरह सुबह के 4 बजे तक चोदता रहा और फिर उसने रज़ाई ओढ़ ली और हम नंगे बदन एक-दूसरे की बाँहों में सो गये। ये मेरी पहली चुदाई थी और में आज भी उसे खूब चोदता हूँ ।।

धन्यवाद …

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