ट्रेन में बहन की चुदाई

0
Loading...

प्रेषक : दीपक …

हैल्लो दोस्तों, मेरी कामुकता डॉट कॉम पर यह पहली कहानी है। कहानी तब की है जब में मेरी मौसी के घर जो बिहार की रहने वाली है, उनके घर पर वहाँ गया हुआ था। में दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरे परिवार में 4 लोग है पापा जिनकी उम्र 40 साल, वो एक व्यापारी है, माँ उम्र 38 साल, वो गृहणी है, छोटी बहन रीना, उम्र 18 साल, वो 12 वीं कक्षा में है, मेरी उम्र 21 साल है और में पापा के व्यापार में उनकी मदद करता हूँ। यह कहानी मेरे और मेरी बहन रीना के बीच की है एक दिन हमारी मौसी हमारे यहाँ मुझे और रीना को अपने साथ अपने गाँव उनकी लड़की गीता की सगाई में ले जाने के लिए आई, वो हम दोनों भाई-बहन का टिकट अपने साथ ही लेकर लेने आई थी। तो मम्मी ने हमसे कहा कि जब तुम्हारी मौसी इतनी दूर से खुद लेने आई है फिर जाना तो पड़ेगा ही, लेकिन रीना के स्कूल भी खुले है इसलिए जाओ और सगाई के बाद दूसरे दिन वापस आ जाना और वापसी का टिकट अभी ही जाकर ले लो।

फिर में दिल्ली रेल्वे स्टेशन गया तो वहाँ किसी भी ट्रेन का दो दिन के बाद वापसी का टिकट नहीं मिला तो में अंत में झारखंड एक्सप्रेस का 98-99 वेटिंग का ही टिकट लेकर आ गया कि कन्फर्म नहीं होने पर टी.टी को पैसे देकर ट्रेन पर ही सीट ले लेंगे फिर 29 अक्टूबर 2000 को में और रीना अपनी मौसी की बेटी (गीता) की सगाई से वापस लौट रहे थे। मेरी मौसी जिला गया (बिहार) के गाँव में रहती थी। मौसी ने गीता की सगाई में रीना को लाल रंग के लंहगा चोली खरीद कर दी थी, जिसे पहनकर रीना मेरे साथ दिल्ली वापस लौट रही थी। अब हम लोग गाँव के चौक पर गया रेलवे स्टेशन आने के लिए जीप का इंतजार कर रहे थे। तो इतने में वहाँ एक कुत्ती और उसके पीछे-पीछे एक कुत्ता दौड़ता हुआ आया, वो कुत्तिया हम लोग से करीब 20 फुट की दूरी पर रुक गई थी।

फिर कुत्ता उसके पीछे आकर कुत्ती की चूत को चाटने लगा और फिर दोनों पैर कुत्ती की कमर पर रखकर अपनी कमर दनादन चलाने लगा, जिसे में और रीना दोनों देख रहे थे फिर कुत्ते ने बहुत रफ़्तार से 8-10 धक्के घपाघप लगाकर करवट ले ली फिर वो दोनों एक दूसरे में फँस गये। अब ये सीन हम दोनों भाई-बहन देख रहे थे कि इतने में गाँव के कुछ लड़के वहाँ दौड़ते हुए आए और कुत्ते-कुत्ती पर पत्थर मारने लगे। अब कुत्ता अपनी तरफ खींच रहा था और कुत्तिया अपनी तरफ खींच रही थी, लेकिन वो दोनों छूटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। फिर मैंने रीना की तरफ देखा फिर वो शर्मा रही थी, लेकिन ये सीन उसे भी अच्छा लग रहा था। अब वो अपनी नजर नीचे करके ये सीन बड़े गौर से देख रही थी। अब मेरा तो मूड खराब हो गया था और मेरा लंड खड़ा होने लगा था। अब मुझे रीना अपनी बहन नहीं बल्कि एक सेक्सी लड़की की तरह लग रही थी।

अब मुझे रीना ही कुत्तिया नजर आने लगी थी, अब मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा हो गया था, लेकिन इतने में एक जीप आई और हम दोनों उस जीप में बैठ गये। अब जीप में एक सीट पर 5 लोग बैठे थे, जिससे रीना मुझसे चिपकी हुई थी। अब मेरा ध्यान रीना की चूत पर ही जाने लगा था, अब में रीना से इतना सटा हुआ था कि उसकी मस्त जाँघ मेरे पैर से रगड़ खा रही थी और उसकी चूची मेरे हाथ से टकराए जा रही थी, इससे मेरा लंड एकदम से तन गया था। अब मेरा मन तो कर रहा था कि में उसे वहीं चोदना शुरू कर दूँ फिर हम लोग स्टेशन पहुँचे फिर मैंने अपना टिकट कन्फर्मेशन के लिए टी.सी ऑफिस जाकर पता किया, लेकिन मेरा टिकेट कन्फर्म नहीं हुआ था फिर मैंने सोचा कि किसी भी तरह एक सीट तो लेनी ही पड़ेगी। फिर टी.सी ने बताया कि आप ट्रेन में ही टी.टी से मिल लीजिएगा, शायद एक सीट मिल ही जाएगी फिर ट्रेन टाईम पर आ गई फिर रीना और में ट्रेन पर चढ़ गये फिर टी.टी से बहुत रिक्वेस्ट करने पर वो 200 रुपये में एक बर्थ देने के लिए तैयार हुआ।

अब टी.टी एक सिंगल सीट पर बैठा था तो उसने कहा कि आप लोग इस सीट पर बैठ जाओ जब तक हम कोई सीट देखकर आते है फिर में और रीना गेट की सीट पर बैठ गये। अब रात के करीब 10 बज रहे थे, खिड़की से काफ़ी ठंडी हवाएँ चल रही थी तो हम लोग शाल से अपना बदन ढककर बैठ गये। तो इतने में टी.टी ने आकर हम लोग को दूसरी बोगी में एक ऊपर का बर्थ दिया। तो मैंने 200 रुपये टी.टी को देकर एक टिकट कन्फर्म करवाकर अपनी बर्थ पर पहले रीना को ऊपर चढ़ाया और उसके चढ़ते समय मैंने रीना के चूतड़ कसकर दबा दिए फिर रीना मुस्कुराती हुई चढ़ी और फिर में भी ऊपर चढ़ गया। अब पूरे स्लीपर पर लोग सो रहे थे, हमारे स्लीपर के सामने एक स्लीपर पर एक 7 साल की लड़की सो रही थी, जिसकी मम्मी दादी मिड्ल और नीचे की बर्थ पर थे।

अब सारी लाईट पंखे बंद थे और सिर्फ़ नाईट बल्ब जल रही थी, अब ट्रेन अपनी गति में चल रही थी। अब रीना ऊपर की बर्थ में जाकर लेट रही थी और में भी ऊपर की बर्थ पर चढ़कर बैठ गया था फिर रीना मुझसे कहने लगी कि आप लेटोगे नहीं? तो मैंने कहा कि कहाँ लेटूं जगह तो है नहीं? तो इस पर वो करवट लेकर लेट गई और मुझे बगल में लेटने को कहा। फिर में भी उसके बगल में लेट गया और शाल ओढ़ लिया। अब जगह कम होने कारण हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे। अब रीना की चूची मेरी छाती से दबी हुई थी, अब मेरा तो रीना की चूत पर पहले से ही ध्यान था। अब मैंने उसे अपने से और भी चिपका लिया था फिर मैनें रीना से कहा कि और इधर आजा नहीं तो नीचे गिरने का डर है फिर वो मुझसे और चिपक गई। अब रीना ने अपनी जाँघ मेरी जाँघ के ऊपर रख दी थी, अब उसके गाल मेरे गाल से चिपके थे। अब में उसके गाल पर अपना गाल रगड़ने लगा था। अब मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा हो गया था फिर में अपना एक हाथ रीना की कमर पर ले गया और और धीरे-धीरे उसका लहंगा ऊपर कमर तक खींच-खींचकर चढ़ाने लगा, अब रीना कुछ नहीं बोल रही थी।

फिर में उसके मस्त और माँसल जाँघो को सहलाने लगा, जिससे उसे मजा आने लगा था। अब में तो मस्ती के कारण पागल ही हो गया था, अब में सोच रहा था कि मेरी छोटी बहन क्या माल है? आज तक मेरी नजर इस पर क्यों नहीं गई? अब मेरा लंड एकदम टाईट हो गया था। अब उसकी साँसे तेज होने लगी थी, अब मैंने उसका लहंगा उसकी कमर के ऊपर कर दिया था और उसके चूतड़ को सहलाने लगा था। फिर में उसकी पेंटी के ऊपर से अपना हाथ घुमाकर देखने लगा फिर उसकी चूत के पास उसकी पेंटी गीली थी, उसकी चूत से चिपचिपा लार निकला था, जिसने मेरी उंगलियों को चिपचिपा कर दिया था फिर में उसकी पेंटी के अंदर से अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत के पास ले गया फिर उसकी चूत लार से भीगी हुई थी। अब में उसकी चूत को सहलाने लगा था। फिर रीना ने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मेरे होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। तो मेरे पूरे बदन में जोश आ गया और में अपना एक हाथ रीना के बूब्स में डालकर उसके संतरे जैसी चूची को सहलाने लगा, उसकी चूची के निप्पल काफ़ी छोटे थे।

अब में उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और मैंने मेरी एक उंगली रीना की चूत में डाल दी। तो उसकी चूत गीली होने के कारण आसानी से मेरी उंगली उसकी चूत में चली गई। फिर में मेरी दो उंगलियाँ एक साथ उसकी चूत में डालने लगा। फिर इस पर रीना कसमसाने लगी। अब में अपने एक हाथ से उसकी निप्पल की घुंडी मसल रहा था और एक हाथ से उसकी चूत से खिलवाड़ करने लगा था फिर मैंने किसी तरह से धीरे-धीरे मेरी दोनों उंगलियाँ उसकी चूत में पूरी घुसा दी और मेरी दोनों उँगलियों को चौड़ा करके उसकी चूत में चलाने लगा और साथ-साथ उसकी चूची को भी चूसने लगा था। अब रीना सिसकने लगी थी और अपना एक हाथ मेरी पैंट की चैन के पास लाकर मेरी चैन खोलने लगी थी। फिर मैंने भी चैन खोलने में उसकी मदद की और अपना लंड रीना के हाथ में दे दिया। फिर रीना मेरे लंड के सुपाड़े को सहलाने लगी। फिर उसको मेरा लंड सहलाने से बहुत मज़ा मिला। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

Loading...

अब में उसकी चूत में इस बार मेरी तीन उंगलियाँ एक साथ डालने लगा था। अब उसकी चूत से काफ़ी लार गिरने लगा था, जिससे मेरा हाथ और रीना की पेंटी पूरी भींग गई थी, लेकिन इस बार मेरी तीनों उंगलियाँ उसकी चूत में नहीं जा रही थी फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत को चीरकर रखा और फिर मेरी तीनों उंगलियाँ एक साथ डाली। फिर रीना मेरे हाथ को पकड़कर उसकी चूत के पास से हटाने लगी, शायद इस बार मेरी तीनों उँगलियों से उसकी चूत में दर्द होने लगा था, लेकिन में उसके होंठ अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और किसी तरह मेरी तीनों उँगलियों को आधा ले जाकर ही उठ गया। अब में जोश में आ गया था और रीना की पेंटी को एक साईड में करके अपना लंड उसकी चूत के छेद में डालने लगा था। अब मेरे लंड का सुपाड़ा ही उसकी चूत में घुसा था कि रीना मेरे कान में कहने लगी कि धीरे-धीरे डालो, मेरी चूत दर्द कर रही है।

Loading...

फिर मैंने थोड़ी सी पोज़िशन लेकर उसके चूतड़ को ही मेरे लंड पर दबाया। फिर मेरे लंड का आधा हिस्सा उसकी चूत में चला गया। अब में उसे ज़्यादा परेशान नहीं करना चाहता था फिर मैंने सोचा कि पूरा लंड उसकी चूत में डालने पर तो उसके मुँह से चीख निकलेगी और लोग जाग भी सकते है इसलिए में मेरे लंड का आधा हिस्सा ही उसकी चूत में घुसाकर अन्दर बाहर करने लगा। अब उसकी पेंटी के किनारे की साईड ने मेरे लंड को कस रखा था, इसलिए मुझे चोदने में काफ़ी मज़ा मिल रहा था। अब रीना भी चुदाई की रफ्तार बढ़ाने में मेरा साथ देने लगी थी। अब धीरे-धीरे उसकी पेंटी भी मेरे लंड को कसकर चूत पर चिपके हुई थी। अब पेंटी के घर्षण से मेरा लंड उसकी चूत में पानी छोड़ने के लिए तैयार हो गया था। अब में रीना की कमर को कसकर अपनी कमर में चिपकाए हुए था कि तभी मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ दिया। अब रीना की पेंटी पूरी भींग गई थी, शायद अब सर्दी की रात के कारण उसे ठंड लगने लगी थी।

फिर उसने अपनी पेंटी धीरे से उतारकर उसी से अपनी चूत को पोंछकर उसकी पेंटी अपने हैंड बैग में रख ली फिर में और रीना एक दूसरे से चिपककर सोने लगे, लेकिन हम दोनों की आँखों में नींद कहाँ थी? फिर मैंने रीना के कान में कहा कि मजा आया तो वो बोली कि हाँ आया फिर इससे मुझे और हौसला मिला फिर मैंने कहा कि रीना में तो तुम्हारी गांड का दिवाना हूँ, तुम कुत्तिया बनकर कब चुदवाओगी? तो तब रीना कहने लगी कि घर चलकर चाहे कुतिया बनाना या घोड़ी बनाकर चोदना, लेकिन यहाँ तो बस धीरे-धीरे मज़ा लो। अब हम दोनों ने शाल से अपना पूरा बदन ढक रखा था। अब रीना फिर से मेरे लंड को पकड़कर मसलने लगी थी। अब में भी उसकी चूत के दाने को सहलाकर मज़ा लेने लगा था। अब रीना मुझसे काफ़ी खुल चुकी थी। अब वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे लंड को मसले जा रही थी।

अब उसकी हाथों की मसलन से मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था और देखते ही देखते मेरा लंड रीना की मुठी से बाहर आने लगा। फिर रीना ने बहुत गौर से मेरे लंड की लम्बाई चौड़ाई नापी और मेरा 9 इंच का लंड देखकर हैरान होकर मेरे कान में कहा कि इतना मोटा लम्बा लंड आपने मेरी चूत में कैसे डाल दिया? तो मैंने कहा कि अभी पूरा लंड कहाँ डाला है? मेरी रानी अभी तो सिर्फ़ आधे हिस्से से ही काम चलाया है, मेरा पूरा लंड तो तुम जब घर में कुत्तिया बनोगी तो में कुत्ता बनकर डॉगी स्टाइल में मेरे पूरे लंड का मज़ा चखाऊँगा। फिर इस पर वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे गाल पर अपने दाँतों से काटने लगी। फिर मैंने उसके कान में धीरे से कहा कि रीना तुम जरा करवट बदलकर सो जाओ और अपनी गांड का छेद मेरे लंड की तरफ करके सो जाओ। तो उस पर वो मेरे कान में कहने लगी कि नहीं बाबा गांड मारनी हो तो घर में मारना, यहाँ में तुम्हें गांड मारने नहीं दूँगी। फिर मैंने उससे कहा कि नहीं रानी में तुम्हारी गांड नहीं मारूँगा, में तुम्हे लंड-चूत का ही मज़ा दूँगा। फिर फिर उसने करवट बदल दी। तो मैंने रीना के दोनों पैर मोड़कर रीना के पेट पर सटा दिए, जिससे उसकी चूत ने पीछे से रास्ता दे दिया।

फिर मैंने उसकी गांड अपने लंड की तरफ खींचकर उसके पैरो को उसके पेट से चिपका दिया और उसकी चूत में पहले मेरी दो उंगलियाँ डालकर उसकी चूत के छेद को थोड़ा फैलाया और फिर मेरी दोनों उंगलियाँ उसकी चूत में डालकर मेरी दोनों उँगलियों को उसकी चूत में घुमा दिया। फिर रीना थोड़ी चीख पड़ी फिर में उसके गाल पर एक चुम्मा लेकर अपने लंड को रीना की चूत में धीरे-धीरे घुसाने लगा फिर बहुत कोशिश के बाद मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुसा। अब में रीना से ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा लेना और देना चाहता था, इसलिए मैंने बहुत धीरे-धीरे अपना लंड घुसाया और अपने एक हाथ से उसकी निप्पल को रगड़ने लगा और उसके गालों पर किस कर रहा था। अब मुझे तो जैसे स्वर्ग का मजा मिल रहा था। फिर मैंने रीना से पूछा कि रानी कैसा लग रहा है? तो उसने धीरे से कहा कि बहुत मजा आ रहा है। तो मैंने देखा कि अब रीना भी अपनी गांड मेरे लंड की तरफ धकेल रही थी।

फिर रीना की चूत से हल्का सा पानी निकला, जिससे मेरा लंड गीला हो गया और मेरा लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करने पर थोड़ा और अंदर चला गया। अब सिर्फ़ मेरे लंड का आधा हिस्सा ही बाहर रहा था और में धीरे-धीरे अपनी कमर को चलाकर रीना को फिर से चोदने लगा था। अब रीना भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मज़े से चुदवाने लगी थी। फिर करीब 1 घंटे तक हम दोनों चोदा चोदी करते रहे। फिर ट्रेन को एक बार भी कहीं सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन ने ऐसी ब्रेक मारी कि रीना के चूतड़ ने पीछे की तरफ अचानक से दवाब डाला, जिससे मेरा पूरा लंड झट से रीना की चूत में पूरा चला गया। अब रीना के मुँह से भयानक चीख निकलने ही वाली थी कि मैंने अपने एक हाथ से रीना का मुँह बंद कर दिया और अपने एक हाथ से उसकी दोनों चूची बारी-बारी से दबाने लगा।

अब में तो ट्रेन में उसके साथ ऐसा नहीं करना चाहता था, लेकिन ट्रेन की मोशन में ब्रेक लगने के कारण ऐसा हुआ, अब रीना धीरे-धीरे सिसक रही थी फिर मैंने अपने लंड को स्थिर रखकर पहले रीना की दोनों चूचीयों को कसकर दबाया फिर थोड़ी देर के बाद उसे कुछ राहत मिली। अब रीना खुद ही अपनी कमर आगे-पीछे करने लगी थी, शायद अब उसे दर्द की जगह पर ज़्यादा मज़ा आने लगा था। अब में पूरे जोश में आ गया था, क्योंकि अब मेरा लंड पूरा रीना की चूत में था। अब में जोश में आकर उसकी कमर को पकड़कर उसे ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा था, जिससे वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी लेने लगी थी फिर में उसके मुँह को बंद करके उसे ज़ोर-जोर से चोदने लगा और धीरे-धीरे बोल रहा था कि रीना माई डार्लिंग, मेरी जान, आज तेरी चूत को फाड़ दूँगा मेरी मस्त मल्लिका। अब में उसे चोदने से पागल सा हो गया था इसलिए में रीना के दर्द की परवाह किए बगैर उसे बिना रुके चोदे जा रहा था। फिर मैंने देखा कि रीना की आँखों से दर्द के कारण आसूं निकल रहे थे, लेकिन अब में तो अपने ही मज़े में था फिर उसे करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही गिरा दिया फिर में उसके पूरे बदन को धीरे-धीरे सहलाने लगा, ताकि उसे कुछ आराम मिल सके।

फिर मेरा एक हाथ रीना की चूत पर गया तो मैंने देखा कि उसके चूत से गर्म-गर्म तरल पदार्थ गिर रहा था तो में समझ गया कि ये चूत का पानी नहीं बल्कि चूत की झिल्ली फटने से चूत से खून गिर रहा है। अब में खुश हो गया था, क्योंकि मैंने अपनी मस्त बहन की सील पैक चूत को तोड़ दिया था और उसे लड़की से औरत बना डाला था। फिर मैंने रीना से ये बात नहीं कही, क्योंकि वो घबरा जाती, फिर मैंने अपनी पैंट से रूमाल निकालकर उसकी चूत से गिरे पूरे खून को अच्छी तरह से साफ कर दिया। अब रीना को अपनी गांड आगे-पीछे करते हुए देखकर में फिर से जोश में आ गया था और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था फिर मैंने उसकी चूत में एक बार में अपना पूरा लंड घुसा दिया और फिर घपाघप धक्के दे देकर चोदने लगा। अब रीना मज़े से चुदवाए जा रही थी। फिर जब मैंने 10-15 धक्के आगे पीछे होकर लगाए फिर रीना की चूत ने पानी छोड़ दिया। अब में रीना की दोनों संतरे जैसी चूचीयों को दबा- दबाकर चोदने लगा था। फिर करीब 10 मिनट तक उसकी चूत में मेरा लंड अंदर बाहर करते हुए मैंने भी अपना पानी छोड़ दिया और फिर हम लोग 5 मिनट तक लंड चूत में डाले पड़े रहे और फिर जब मेरा लंड सिकुड गया तो फिर तब मैंने उसकी चूत से मेरा लंड बाहर निकालकर अपने रुमाल से उसकी चूत और मेरे लंड को पोंछकर साफ करके रुमाल ट्रेन की खिड़की से बाहर फेंक दिया, उस समय सुबह के 4 बज रहे थे। अब हम दोनों भाई-बहन एक दूसरे से खुलकर प्यार करने लगे थे ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


पापा जैसी चूदाई कही नही देखी नयू सेकस कहानीMe apni maa ko chudwana chahata hu batawo me kaha sampark karuफेमेली सेकसी कहानीय़ा मां २bahan aur bibi ki adla badli jija semuje mara aur apna gulam banaya sex story allचिल्लाते हुए माया अपनी गांड उछाल रही थीXXX DESI DIVYA WAIF LAND CHUSTI HUIham umra 18 sal ki maci ko choda sexstoryrikshe wale ne chodaसेकशी कहानीmene socha uncle un dono ko dante ge par uncle ne behan ki chuchiya pakad lisax ke khani chlak bibi ne kam bnvaya 2sex ki hindi kahaniहोटल मे कुवारी लडकी कीपिताजी माँ को चौदते हे तो मेने माँ को चौदाससुर ने मेरि चुत कि झाँटे साफ करके मेरि चुत को चाटा.sex.kahanirajshram sex hindi stroesमा की इच्छा राज शर्मा कामुक कहानियाchacha ne 2 dosth ne coda jab kahani hindiबोस के साथ चौदाई कि कहानिRandi kitna lehti sxs cuhdae video galisex hindi sex storyUncle ne mummy ko chhat per choda sex stories.भाभी मां बहन बहन बुआ आंटी ने खेत में सलवार साड़ी खोलकर पेशाब टटी मुंह में करने की सेक्सी कहानियांसारे बूढ़े दीदी को घेर कर खड़े सेक्स स्टोरीnind m behan ki chuchi chusi storywww.सेकसी बिबि अदला बदली की कहानीपराए मर्द से चुदाई की हिंदी कहानियांपति का भरोसा तोडा सेक्स कहानीताऊ ने मेरे सामने माँ को चोदा हिंदी सेक्स स्टोरीअनजान बुढे ने जिँदगी बना दी Sex stories on kamukata.comAkeli dekh pakad karxex kiyaचालू बहन ने मेरे दोस्तों को फसाया सेक्स स्टोरीchudakkar maa ki garam bur me tel laga kar chodaWaif NE hilker pani nikalaदीदी की गदराई जवानीsexy stioryचोद चाचि बुरHindiSexyAdultStorysexestorehindeammi की ज़बरदस्त चुदाइ की कहानीसेक्सी स्टोर्स भाबी के पंतय मुत्ते मरीभडवे चोद मुजे और चोदबूब्स की लाईन साफ-साफ़ दिख चुदाईबुऱ मारने के तरीकेहिंदी सेक्स कहानी rajsharma ma beta bhabhi bua bahanGastroom sexey. Comसहेली ने अपने पति के मोटे लंड से चुदने का मौका दियाpapa jid par mom ne meri chudai karvaibhenki tyt chut ke mjeMeri barbadi sex katha in hindi fontsex store hendiचुत कहनीhindi sexy storeywww.sexyhindistoryreadMona ki mst seal Tod chudai nagi krke HindiChhoti bahan ko Patni Banaya Hindi sexy storyबहन के जन्मदिन पर भाई ने चुदाई की चुदाई स्टोरीMalkin aur khet me kam karne wale majdur ki hindi sexy khaniyabehan ne doodh pilayahindu sex storiDidi ko diya anmol giftमाँ ने सिल तुडवाई कहानindian sax storiesभाभी ने ननद की चुदाई ससुर से कराईpanti bani randi chudye karye galiyo sa hindi machachijaan ki chudai ki hindi sex khaniyaमाँ ने चुदवाया न समझकर कहानीनानाजी से च***** हिंदी सेक्सी कहानीSex parose codae henade kahane codan.com"kaun rok" didi bhai lund nangi bistarma so rahithi or mai ne choda kahaniचाचिकी चटीMami ki bhosdaसेकसी चहिए हिदी चुदाई गव कीHINDISEXBIDEO.SASUMAASE